
चित्रसेन घृतलहरे, 12 जनवरी 2026//ग्राम पंचायत भिनोदा में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन द्वारा कई ठोस कदम उठाए गए—गांव-गांव कचरा डस्टबिन लगाए गए, घर-घर कचरा संग्रहण के लिए महिला समिति गठित की गई और समिति को मानदेय के साथ कचरा उठाने हेतु वाहन भी उपलब्ध कराया गया। लेकिन इसके बावजूद जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट तस्वीर पेश कर रही है।
गांव के मुख्य मार्ग NH-130B पर खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है, जिससे यह मार्ग धीरे-धीरे कचरे के अघोषित ‘वेयरहाउस’ में तब्दील होता दिख रहा है। सड़क किनारे बिखरा सड़ा-गला कचरा न केवल अत्यधिक दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि मच्छर, मक्खी और अन्य रोग फैलाने वाले जीवों को पनपने का मौका दे रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, त्वचा रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कचरे के ढेर बारिश या नमी के दौरान और ज्यादा खतरनाक रूप ले रहे हैं।
महिला समिति की पीड़ा — “कचरा वाहन भी है, डस्टबिन भी… फिर सड़क पर कचरा क्यों?”
कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी निभा रही महिला समिति ने स्वयं ग्रामीणों से अपील की है कि कचरे को गांव के बीच या मुख्य मार्ग पर न फैलाएं। समिति सदस्यों का कहना है—
“शासन द्वारा कचरा वाहन और जगह-जगह कूड़ेदान की सुविधा दी गई है, लेकिन लोग उसका उपयोग नहीं कर रहे। खुले में कचरा फेंकना पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है।”
महिला समिति का यह बयान बताता है कि समस्या केवल व्यवस्था की नहीं, बल्कि नागरिक व्यवहार और जिम्मेदारी की गंभीर कमी है।
प्रशासन और पंचायत की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, उपलब्ध संसाधनों का उपयोग न होना एक सामूहिक विफलता है। अगर स्थिति नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में यह बड़ा स्वास्थ्य संकट बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समझाइश देने के बाद भी कुछ लोग आदतन सड़क किनारे कचरा फेंक रहे हैं।
समाधान के लिए जरूरी कदम
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है—
गांव में कचरा फेंकने पर दंडात्मक कार्रवाई लागू की जाए
डस्टबिन और कचरा वाहन का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए
जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी जाए
NH-130B सड़क किनारे जमा कचरे की तत्काल सफाई कराई जाए
स्वच्छता के लिए संसाधन उपलब्ध हैं, व्यवस्था भी है, लेकिन नागरिक सहयोग के बिना कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती। अब समय आ गया है कि ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर सख्ती से नियमों का पालन कराएं, ताकि भिनोदा कचरे के ढेर नहीं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव के रूप में पहचान बनाए।





